कल शाम बनारस के अस्सी घाट पर जब ABP News के अभिसार शर्मा ''कौन बनेगा प्रधानमंत्री'' की चौपाल लगाने पहुंचे, तो किसी क्लासटीचर की तरह जनता को निर्देश देने लगे कि प्रोग्राम में नारेबाज़ी नहीं चलनी चाहिए। हमेशा की तरह बनारस की जनता ''दिल्ली से आए मीडिया वाले'' के उपदेश पर भड़क गई। शो के पहले तो हर-हर महादेव चल रहा था लेकिन जैसे ही शो चालू हुआ, ''हर हर मोदी'' ने घाटों को गुंजा दिया।
बनारसियों के मुताबिक ''खुजलीवाल'' के गाजियाबादी कैंडिडेट के पास माइक पहुंचने से पहले ही भसर मचनी तय थी। वही हुआ। पांच मिनट बाद ही लोग कुर्सियों से/पर खड़े हो गए, गाली-गलौज मिश्रित ''हर हर मोदी'' माहौल में भर गया, एंकर को पहले ब्रेक पर जाना पड़ा और उसके साथ ही तमाम नेताओं समेत वह और उसकी टीम वहां से निकल ली। प्रोग्राम गिर गया।
मोदी के नाम से वहां कोई असहमत नहीं था। कोई विरोधी नहीं। पता नहीं किसके लिए ये नारे लग रहे थे। इतना हिस्टीरिया मैंने पिछली बार शायद 90-91 में ही देखा होगा, धुंधली सी याद है कालभैरव की। आप खुद देखिए कि वीडियो की शुरुआत में कैसे एंकर की आवाज़ आती है कि अब प्रोग्राम जारी रखना संभव नहीं है, और उसके बाद काफी देर तक जनता जाने किसे क्या दिखा रही है। ये मोदी की लहर है या असहिष्णुता का निर्बंध आवेग, खुद ही तय करिए।
अभिषेक श्रीवास्तव
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