मुख्य सिफारिशें
- कठोर दंडात्मक प्रावधान: रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ मौजूदा कानूनों को और मजबूत किया जाए तथा दंड सख्त किए जाएं।
- जवाबदेही तय करना: प्रकाशक, संपादक, और कंटेंट हेड्स को सामग्री की सत्यता के लिए जवाबदेह बनाया जाए ताकि प्रकाशित खबरें अधिक जिम्मेदार हों।
- अनिवार्य फैक्ट-चेक मिक्सन: प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सभी प्रकार के मीडिया में तथ्य जांच का तंत्र लागू करने का सुझाव दिया गया है।
- स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स का समन्वय: सरकारी निकायों के साथ-साथ स्वतंत्र और निजी तथ्य-जांच संस्थाओं को भी प्रक्रिया में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
- एआई और संवेदनशील मुद्दे: रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग और महिलाओं/बच्चों से जुड़े झूठे दावों को रोकने पर भी जोर दिया गया है।
