आशुतोष कुमारइंडिया टीवी पर चले नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू पर आशुतोष कुमार की टिप्पणी :
1. अजीब काफ्काई समय है . इंडिया टीवी पर चल रहे मोदी के चुनाव - अभियान (आप की अदालत ) में (मोदी -मोदी चिल्ला रहे प्रायोजित) दर्शकों में शामिल एक लडकी ने पूछा -- सर , क्या आप क्रिश्चियन लोगों को यह आश्वासन देंगे कि आप के राज में उन्हें मारा या जलाया नहीं जाएगा ?
मोदी ने जवाब दिया -पहले तो मैंने ऐसी किसी घटना के बारे में सुना नहीं है ,दूसरे मैं ईसाइयों को यह आश्वासन देता हूँ कि वे निश्चिंत रहें , उनके साथ ऐसा नहीं किया जाएगा.
इस पर एंकर ने पूछा कि क्या आप मुसलमानों को भी यह आश्वासन देना चाहेंगे ?
मोदी ने यह आश्वासन भी दिया .
वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं . एंकर उनका आदमी ही . दर्शक उनके हैं .लेकिन किसी को इस सवाल और इस जवाब में कुछ अजीब नहीं लगता .
2. टीवी दुधारी तलवार है . आप दिखाना कुछ चाहते हो , दिख कुछ और जाता है . पुष्पेश पंत ने आज साहेब मोदी को फाइनल' क्लीन चिट' दे दिया.और कितने 'क्लीन चिट ' चाहिए ? यह कौन -सा दाग है , जो इतने सारे क्लीन चिटों से भी नहीं ढंक रहा ? राजीवगांधी को पीएम बनने के पहले मिस्टर क्लीन कहते थे ? क्या मोदी को मिस्टर क्लीन चिट कहा जाएगा ?...बेचारी सुषमा . उनके पास तो एक भी क्लीन चिट नहीं है !
3. भूतनाथ रिटर्न्स देखने की सोच रहा था .
जाने कहाँ से " दुनिया पर छा जाने वाला " कहके जो अदालती इंटरव्यू दिखाया जा रहा था , उस पर नज़र पड़ गयी. सुनी-अनसुनी सारी बातें कन्फर्म हो गयीं . स्वयं अश्व-मुख से .from the horse's mouth .
चाय बेचने वाली भी . मगरमच्छ पकड़ने वाली भी . और यह सब करते हुए चालीस साल तक भीख मांग कर गुजर बसर करने वाली भी .
इससे ज़्यादा फिल्म में क्या होगा !प्रोग्राम कैंसल .
(लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षक हैं.स्रोत-एफबी)M
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