बलबिंदर सिंह
जागरण के स्थानीय संपादक श्री विष्णु प्रकाश त्रिपाठी जी के नाम एक पत्रमहोदय मैं दैनिक जागरण का सालों से पाठक हूं। मैं फरीदाबाद में रहता हूं। मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं। पिछले दिनों में दैनिक जागरण के नोएडा कार्यालय में फरीदाबाद के व्यूरोचीफ बिजेंद्र बंसल व निशिकांत के रिश्तेदार संतोष ठाकुर की शिकायत के संबंध में कई अधिकारियों से मिला था। अधिकारियों को मैंने बताया था कि किस तरह से व्यूरो चीफ बिजेंद्र बंसल फरीदाबाद में दैनिक जागरण को बेच रहा है। छोटे-बड़े सभी सामाजिक संगठनों व राजनीतिक पार्टियों से महीनें के हिसाब से खबर छापने के लिए पैसे मांगता है। बिजेंद्र बंसल ने मुझसे कहा है कि अब जो भी खबरंे छपेगी उसका महीने के हिसाब से एक लाख रूप्ये देना पड़ेगा। बिजेंद ने कहा कि यह आदेश नोएडा से सीजीएम साहब ने खुद पास किया है। इस वक्त दैनिक जागरण में अगर निशिकांत ठाकुर के बाद सबसे अवैध वसूली धन का दूसरा नाम लिया जाए तो संतोष ठाकुर का ही नाम आएगा। इसके पास कभी बसों में चलने के लिए भी पैसे नहीं हुआ करते थे, पर आज करोड़ों का मालिक है। इनके पास कई प्लाॅट हैं। दिखावे के लिए अभी तक किराए के मकान में रहता था। यह बात सुनकर मैं एकाएक चैंक। तभी मैंने नोएडा कार्यालय जाने का फैसला किया और पता लगाया कि आखिर सीजीएम साहब हैं कौन? तब वहां जाकर पता चला कि वह आप हैं। नोएडा कार्यालय में भी लोगों ने बिजेंद के ही बातों का समर्थन किया। लोगों ने कहा कि हां जागरण में ऐसा ही होता है। और हां फरीयादियों की शिकायतें नहीं सुनी जाती।पर वहां के लोगों ने मुझे आपसे नहीं मिलने दिया गया। महोदय अगर खबर की सत्यता को परखा जाए तो फरीदाबाद के किसी भी नेता या सामाजिक कार्यकर्ता से पूछा जाए कि क्या जागरण में पैसे देने के बाद खबरें प्रकाशित की जाती हैं। तो सभी का जवाब हां में ही मिलेगा। पेड न्यूज का ही असर है कि आज बिजेंद्र करोड़ों का आदमी बना बैठा है। जिस कोठी में वह रहता है उसका बाजार भाव लगभग 5 करोड़ से भी ज्यादा है। कुछ साल पहले तक सामान्य जीवन जीने वाला बिजेंद का परिवार 15 फीट के कमरे में रहता था। आज वह वरना कार से चलता है, पत्नी बंदना के अलग से ठाठ हैं वह अलग से चमचमाती कार से चलती हैं। हुडडा सेक्टरों में बिजेंद ने दर्जनों प्लाट खरीद रखे हैं। बिजेंद की तनख्वा महज 25 हजार के आसपास है लेकिन हर महीनें लाखों की मकानों व प्लाटों की किस्तें अदा करता है। लेकिन बेखौफ बिजेंद्र सबको एक बात बड़े गर्व से कहता है कि जितना धन आता है उसका आधा हिस्सा चढ़वे के रूप में नोएडा जाता है इसलिए उनको डरने की कोई जरूरत नहीं। ताज्जूब होता है कि इतने अच्छे ब्रांड का बिजेंद्र जैसे चोरों ने क्या हाल कर दिया है। महोदय इससे पहले भी बिजेंद्र बंसल की कई बार शिकायतें अरूण सिंह, किशोर झा व निशीकांत ठाकुर आदि अधिकारियों से की गई है, लेकिन बाद में पता चला की ये सब एक दूसरे से मिले हुए हैं। फरीदाबाद में जिस भी रिपोर्टर की तैनाती की जाती है उससे ये लोग जल्द ही किनारे लगा देते हैं। जगन्नाथ गौतम, राकेश शर्मा, रमेश सिंह ठाकुर व धीरेंद्र मिस्र हालिया शिकार हुए हैं। इन सभी लोगों ने ईमानदारी से काम करने की कोशिश की लेकिन इन चोरों ने नहीं करने दिया। नोट- खबर की सत्यता के लिए संतोष व बिजेंद्र की संपत्ति की जांच कराई जा सकती है, और फरीदाबाद के लोगों से पूछा जा सकता है। बलबिंदर सिंह धन्यवाद
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Staff Writer · Media Khabar
