विकास कुमार
कहते हैं कि ‘मुंह खाता है तो आंख लजाता है! बिहार के इस देहाती कहावत में बहुत दम नजर आता है। पिछले दिनों बिहार के समस्तीपुर जिले में सर्कुलेशन के मामले में तीसरे पायदान पर जा पहुंचे ‘दैनिक जागरण’ एवं ‘गुरूकुल’ के रहस्यमय संबंध की विस्तृत जानकारी मीडिया खबर एवं अन्य बेवसाईट के माध्यम से जागरण प्रबंधन सहित देश एवं दुनिया को बताया था। ‘मीडिया खबर’ और एक अन्य बेवसाईट पर खबर प्रसारित होने के बाद से जागरण का मुजफ्फरपुर यूनिट एवं समस्तीपुर कार्यालय हतप्रभ रह गया। उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि आम पाठक इतनी बारीकी से उनकी हरकतो को वाच करते होंगे। उस रिपोर्ट में प्रकाशित सभी बातें जागरण के लिए ‘कड़वा सच’ के समान था। ‘जागरण गुरूकुल’ प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट पाठकगण http://mediakhabar.com/dainik-jagran-samastipur/ लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
मीडिया खबर पर खबर आने के दो-तीन दिनों तक जागरण ने खुद को संयमित रखा लेकिन बिहार में एक देहाती कहावत है ‘मुंह खाता है तो आंख लजाता है’। इसी फर्मूले पर चलते हुए जागरण ग्रुप ने शर्म-हया को ताक पर रखकर फिर से जिले के पूर्णतः वातानुकुलित शिक्षण संस्थान ‘गुरूकुल’ की गतिविधियों को समाचार के रूप में प्रकाशन कर ‘गुरूकुल’ के साथ वफादारी निभाना प्रारंभ कर दिया है। यहां जागरण ग्रुप को बता देना चाहूंगा कि वे समस्तीपुर के पाठकों को मूर्ख नहीं समझे। इस जिले के पाठक काफी जागरूक एवं सजग हैं। उन्हें अब पेड न्यूज का मतलब खूब समझ में आता है। ऐसी क्या मजबूरी है कि एक धनबली के शिक्षण संस्थान की गतिविधियों को समाचार के रूप में प्रकाशित करके पाठकों को गुमराह किया जा रहा है। अखबार तो और भी हैं लेकिन वे जागरण की तरह अपने मान-मर्यादा को नहीं बेच रहे हैं।
नीचे आज के दैनिक जागरण के अंक में प्रकाशित गुरूकुल के सहयोगी संस्थान की तस्वीर के साथ प्रकाशित समाचार का कटिंग दे रहा हूं जिसमें पर्यावरण जागरूकता के बहाने गुरूकुल को सुर्खियों में लाया गया है। यहां जागरण ग्रुप के दिमाग की दाद भी देना चाहूंगा कि अपने बचाव में उन्होने आज गुरूकुल के समाचार के उपर में जिला मुख्यालय के एक अन्य शिक्षण संस्थान की शैक्षणिक गतिविधि को भी समाचार के रूप में प्रकाशित कर यह दिखाने की कोशिश की है कि वे सिर्फ गुरूकुल के प्रचारक नहीं हैं। लेकिन उनकी यह चालाकी प्रबुद्ध पाठकों से छुप नहीं सकी और लोग दोनों शिक्षण संस्थानों से संबंधित समाचार को बेहिचक ‘पेड न्यूज’ बता रहे हैं।
( समस्तीपुर से विकास कुमार की रिपोर्ट )
कहते हैं कि ‘मुंह खाता है तो आंख लजाता है! बिहार के इस देहाती कहावत में बहुत दम नजर आता है। पिछले दिनों बिहार के समस्तीपुर जिले में सर्कुलेशन के मामले में तीसरे पायदान पर जा पहुंचे ‘दैनिक जागरण’ एवं ‘गुरूकुल’ के रहस्यमय संबंध की विस्तृत जानकारी मीडिया खबर एवं अन्य बेवसाईट के माध्यम से जागरण प्रबंधन सहित देश एवं दुनिया को बताया था। ‘मीडिया खबर’ और एक अन्य बेवसाईट पर खबर प्रसारित होने के बाद से जागरण का मुजफ्फरपुर यूनिट एवं समस्तीपुर कार्यालय हतप्रभ रह गया। उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि आम पाठक इतनी बारीकी से उनकी हरकतो को वाच करते होंगे। उस रिपोर्ट में प्रकाशित सभी बातें जागरण के लिए ‘कड़वा सच’ के समान था। ‘जागरण गुरूकुल’ प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट पाठकगण http://mediakhabar.com/dainik-jagran-samastipur/ लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
मीडिया खबर पर खबर आने के दो-तीन दिनों तक जागरण ने खुद को संयमित रखा लेकिन बिहार में एक देहाती कहावत है ‘मुंह खाता है तो आंख लजाता है’। इसी फर्मूले पर चलते हुए जागरण ग्रुप ने शर्म-हया को ताक पर रखकर फिर से जिले के पूर्णतः वातानुकुलित शिक्षण संस्थान ‘गुरूकुल’ की गतिविधियों को समाचार के रूप में प्रकाशन कर ‘गुरूकुल’ के साथ वफादारी निभाना प्रारंभ कर दिया है। यहां जागरण ग्रुप को बता देना चाहूंगा कि वे समस्तीपुर के पाठकों को मूर्ख नहीं समझे। इस जिले के पाठक काफी जागरूक एवं सजग हैं। उन्हें अब पेड न्यूज का मतलब खूब समझ में आता है। ऐसी क्या मजबूरी है कि एक धनबली के शिक्षण संस्थान की गतिविधियों को समाचार के रूप में प्रकाशित करके पाठकों को गुमराह किया जा रहा है। अखबार तो और भी हैं लेकिन वे जागरण की तरह अपने मान-मर्यादा को नहीं बेच रहे हैं।
नीचे आज के दैनिक जागरण के अंक में प्रकाशित गुरूकुल के सहयोगी संस्थान की तस्वीर के साथ प्रकाशित समाचार का कटिंग दे रहा हूं जिसमें पर्यावरण जागरूकता के बहाने गुरूकुल को सुर्खियों में लाया गया है। यहां जागरण ग्रुप के दिमाग की दाद भी देना चाहूंगा कि अपने बचाव में उन्होने आज गुरूकुल के समाचार के उपर में जिला मुख्यालय के एक अन्य शिक्षण संस्थान की शैक्षणिक गतिविधि को भी समाचार के रूप में प्रकाशित कर यह दिखाने की कोशिश की है कि वे सिर्फ गुरूकुल के प्रचारक नहीं हैं। लेकिन उनकी यह चालाकी प्रबुद्ध पाठकों से छुप नहीं सकी और लोग दोनों शिक्षण संस्थानों से संबंधित समाचार को बेहिचक ‘पेड न्यूज’ बता रहे हैं।
( समस्तीपुर से विकास कुमार की रिपोर्ट )M
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Staff Writer · Media Khabar
