-सुरेश त्रिपाठी,वरिष्ठ पत्रकार-
ऐसा लगता है सभी न्यूज चैनल्स को 'खरीद' लिया गया है। सभी चैनल सरकार और बीजेपी का राग अलाप रहे हैं। किसी को हीराखंड एक्स. की रेल दुर्घटना मरे यात्रियों की चिंता नहीं है।
रेलवे सेफ्टी के लिए हजारों रेलकर्मियों को इकट्ठा करके हर जोन और डिवीजन में सेफ्टी सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं जबकि इन्हीं हजारों रेलकर्मियों और रेल अधिकारियों को फील्ड में सेफ्टी सुनिश्चित करने में लगाया जाए तो सही मायनो में सेफ्टी सुनिश्चित हो सकती है।
लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओं का कारण सीआरबी के पद पर स्टोरकीपर की पुनर्नियुक्ति और अकार्यक्षम स्टोर्स, एकाउंट्स, परसनल और एसएंडटी के अफसरों को जीएम/डीआरएम के पदों पर नियुक्त किया जाना है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि रेलमंत्री के सलाहकार ना-लायक हैं।
(लेखक रेलवे समाचार के संपादक हैं)
स्रोत-एफबी
ऐसा लगता है सभी न्यूज चैनल्स को 'खरीद' लिया गया है। सभी चैनल सरकार और बीजेपी का राग अलाप रहे हैं। किसी को हीराखंड एक्स. की रेल दुर्घटना मरे यात्रियों की चिंता नहीं है।
रेलवे सेफ्टी के लिए हजारों रेलकर्मियों को इकट्ठा करके हर जोन और डिवीजन में सेफ्टी सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं जबकि इन्हीं हजारों रेलकर्मियों और रेल अधिकारियों को फील्ड में सेफ्टी सुनिश्चित करने में लगाया जाए तो सही मायनो में सेफ्टी सुनिश्चित हो सकती है।
लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओं का कारण सीआरबी के पद पर स्टोरकीपर की पुनर्नियुक्ति और अकार्यक्षम स्टोर्स, एकाउंट्स, परसनल और एसएंडटी के अफसरों को जीएम/डीआरएम के पदों पर नियुक्त किया जाना है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि रेलमंत्री के सलाहकार ना-लायक हैं।
(लेखक रेलवे समाचार के संपादक हैं)
स्रोत-एफबीM
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