- बहुत ज़्यादा सोशल-मीडिया इस्तेमाल करने वाले दिमागी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। डिप्रेशन और नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं।
- बीबीसी ने एक मोटे तजुर्बे से पाया है कि अगर कोई शख़्स दो घंटे या इससे ज़्यादा वक़्त सोशल मीडिया पर गुज़ारता है, तो आगे चलकर वो डिप्रेशन का शिकार हो जाता है, जज़्बाती तौर पर अकेलापन महसूस करता है।
- ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल हमें बीमार, बहुत बीमार बना सकता है। लोग सोशल मीडिया पर जाते हैं ताकि अपना ख़राब मूड ठीक कर सकें। मगर, रिसर्च बताती हैं कि सोशल मीडिया पर जाकर भी इससे आपको राहत नहीं मिलती।
- लंदन के सेंट थॉमस हॉस्पिटल के डॉक्टर चार्ल्स टियक कहते हैं कि अगर बेडरूम में मोबाइल या लैपटॉप है, तो आम तौर पर लोग उसका इस्तेमाल करते हैं। नतीजा ये होता है कि वो अपनी नींद से समझौता करते हैं।
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Staff Writer · Media Khabar
