मीडिया मालिकों की पहरेदारी करने वाले पत्रकारों के मुद्दे पर भी कभी बोलिए
एनडीटीवी इंडिया पर छापे पर प्रेस क्लब में एनडीटीवी के नेतृत्व में एक बैठक का आयोजन किया गया और इसे फ्रीडम ऑफ़ प्रेस पर हमला घोषित किया गया. इसमें कई दिग्गज पत्रकार शामिल हुए. इसी पर पुष्कर पुष्प की सोशल मीडिया पर की गयी एक टिप्पणी - जब पत्रकारों के हित की बात आती है तो ये सब दांत चियार कर गायब हो जात...
