देश दीपक सिंह की यादों के झरोखे में पत्रकार कामता सिंह
आज तुम इस दुनिया से नहीं गए मैं भी थोडा चला गया मेरे भाई ...... हाँ भाई कामता सिंह अब बताओ | आखिर ऐसी भी क्या नाराज़गी थी जो तुम ऐसे चले गए | भला कोई ऐसा करता है क्या | अरे जीवन के हर फैसलों में हर कदम पर हमसे बात की और अब बिना बताये बिना मिले ही ऐसे चले गए | ज़रा सा भी नहीं सोंचा की क्या होगा तुम्हार...
